बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (amazing engineering)। अपनी इंजीनियरिंग कला का भरपूर प्रदर्शन कर नगर में होने वाले निर्माण कार्यों के माध्यम से शहर को 'नरक' में तब्दील करने वाले इंजीनियरिंग कला के महारथियों का एक और नायाब नमूना सामने आया है। जिसको देखने के बाद नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे इंजीनियरों को तो राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना चाहिए। 

उदाहरण के तौर पर यह वही इंजीनियर हैं जो नई बनी सड़क को नाली का निर्माण कराने के लिए उखड़वा देते हैं, नेहरू पार्क चौराहे पर अपोजिट डायरेक्शन में नाली बनवा देते हैं, जिससे पानी नाली में न जाकर सड़क पर बहता रहता है। ऐसे कई उदाहरण शहर के वार्डों में देखने को मिल सकते हैं जिनके आधार पर इन विकास कार्यों की मॉनीटरिंग करने वाले इंजीनियरों को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना चाहिए। 

नगर पालिका के इंजीनियरों के अद्भुत कला कौशल का एक नमूना खुद नगर पालिका परिसर में ही देखा जा सकता है। यहां परिसर में ही स्थित कॉम्पलेक्स के लिए बनी सीढ़ियों पर यह उत्कृष्टता का नमूना देखा जा सकता है। यहां पहली मंजिल पर जाने के लिए जो सीढ़ी बनी है, ठीक उसके नीचे भी एक सीढ़ी है। 

एक ही स्थान पर जाने के लिए यहां बनी दो-दो सीढ़ियों का लॉजिक किसी को भी समझ नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पहले से सीढ़ी थी तो उसी में जरुरत के अनुसार सुधार करके उसे ही उपयोग में लिया जा सकता था। दूसरी ओर यदि वह किसी उपयोग की नहीं थी तो फिर उसे पूरी तरह से तोड़ कर हटा देना था ताकि जगह ज्यादा उपलब्ध हो सकती थी।

लेकिन, नपा के इंजीनियरों ने ऐसा न कर ठीक उसके ऊपर दूसरी सीढ़ी बना दी। हालांकि यह दोनों ही सीढ़ियां वैसे तो सालों पहले बनी थीं, लेकिन आज भी यहां आने वालों की जैसे ही इन पर नजर पड़ती है तो वह इंजीनियरों की काबिलियत की दाद देने से खुद को नहीं रोक पाते हैं।