बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Property Registry Decline Betul)। जिले में इस साल लोग पिछले साल की तरह ताबड़तोड़ अंदाज में जमीनों की रजिस्ट्री नहीं करवा रहे हैं। यही वजह है कि बीते साल के मुकाबले इस साल कम रजिस्ट्रियां हुई हैं। इससे पंजीयन विभाग मुख्यालय से मिले लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। ऐसा लग नहीं रहा कि इस साल लक्ष्य हासिल हो सकेगा। कम रजिस्ट्री होने से राजस्व पर सीधा असर पड़ रहा है। 

जिले भर में चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से अक्टूबर माह तक मात्र 9335 दस्तावेजों (प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, अनुबंध सहित अन्य) का पंजीयन ही हुआ है। इसके मुकाबले पिछले साल इसी अवधि में 10147 दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। कम दस्तावेजों के पंजीयन से पंजीयन विभाग की आय पर भी असर पड़ा है। 

करीब 2 करोड़ कम हुई आय 

बीते साल अक्टूबर माह तक 50 करोड़ 24 लाख रुपये की आय विभाग हासिल कर चुका था। वहीं इस साल यह आंकड़ा 48 करोड़ 38 लाख रुपये पर ही पहुंच पाया है। इस साल जिले को 113 करोड़ रुपये का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसे हासिल कर पाना बेहद मुश्किल लग रहा है। पिछले साल कुल 102.63 करोड़ रुपये की आय विभाग को प्राप्त हुई थी। 

इन कारणों से कम हो रही रजिस्ट्री 

इस साल कई कारणों से जिले में रजिस्ट्रियां कम हो रही हैं। सबसे बड़ा कारण लोगों का वह डर है कि जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न कर दी जाएं। दरअसल, 232 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई है। यही कारण है कि कार्रवाई के डर से कृषि भूमि (भूखंड) के दस्तावेजों के पंजीयन में खासी कमी आई है। 

प्रबंधन में दर्ज होने से नामांतरण नहीं

इसके अलावा एक मुख्य कारण यह है कि अवैध कॉलोनियों के खसरे प्रबंधन में दर्ज किए जा चुके हैं। इससे इन खसरों पर नामांतरण नहीं हो सके हैं। इससे भी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। एक अन्य कारण यह भी आ रहा है कि कई लोगों के राजस्व अभिलेख में दर्ज नाम और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग है। इससे भी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। 

बीते साल जैसे मौके भी नहीं आ रहे

इस साल पंजीयन कम होने का एक मुख्य कारण पिछले साल जैसे अवसर नहीं मिल पाना भी है। पिछले साल जिला मुख्यालय पर एमराल्ड हाईट्स द्वारा कराई गई एक ही रजिस्ट्री से 3.72 करोड़ का राजस्व विभाग को प्राप्त हुआ था। इसके अलावा मुलताई क्षेत्र में ब्लू बेरी कंपनी द्वारा संपत्तियों का क्रय-विक्रय किया गया था। इससे भी काफी राजस्व प्राप्त हुआ था। इस बार ऐसे मौके भी सामने नहीं आ पा रहे हैं। 

क्या कहते हैं जिला पंजीयक 

इस संबंध में जिला पंजीयक दिनेश कौशले कहते हैं कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष कम आय हो रही है। दस्तावेज भी कम पंजीकृत हुए हैं। इसके कई कारण हैं। हालांकि मुख्यालय से मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।