Betul Krishi Upaj Mandi Chaos: कृषि उपज मंडी के नहीं सुधर रहे हालात, दो दिन बाद भी परिसर में ही जमे हैं व्यापारियों के बोरे, निर्देशों की खुली अवहेलना
बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Krishi Upaj Mandi Chaos)। कृषि उपज मंडी के भार साधक अधिकारी और बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह के निर्देशों को मंडी प्रबंधन किस तरह हवा में उड़ा रहा है इसका नजारा कृषि उपज मंडी में साफ दिखाई दे रहा है। मंडी से न तो व्यापारियों के बोरे उठ पाए है और न ही किसानों के वाहनों को सुबह ५ बजे के बाद प्रवेश देने का नियम फालो हो रहा है। व्यापारी मक्का ले जाने रेक लगने का इंतजार कर रहे है वहीं मंडी परिसर में सौ-दो सौ रूपए लेकर किसी भी समय किसानों के वाहनों को प्रवेश दे दिया जा रहा है।
रविवार शाम को मंडी परिसर में चारों और व्यापारियों के बोरों की छल्ली लगी हुई थी जो खरीदी उन्होंने दो दिन पूर्व शुक्रवार को की थी। वहीं मंडी के सामने शनिवार शाम को लगी वाहनों की कतार को मंडी परिसर में प्रवेश दे दिया गया था। आज सोमवार को मंडी परिसर में किसानों की मक्का खाली करने मशक्कत करनी पड़ेगी। यदि भारसाधक अधिकारी आज सोमवार सुबह मंडी पहुंचते है तो सारी स्थिति को स्वयं देख सकते है।
परिसर में रखे है व्यापारियों के 25 हजार बोरे
मंडी में खरीदी करने वाले व्यापारियों को खरीदी करने के बाद 24 घंटे या अगले दिन नीलामी शुरू होने के पूर्व अपने बोरे उठाने का प्रावधान है। मंडी में दो दिन का अवकाश था। इसके पूर्व शुक्रवार को अनाज की नीलामी हुई थी, लेकिन व्यापारियों ने रविवार शाम तक भी अपने बोरे नहीं उठाए थे। मंडी की सभी शेड के साथ ही पूरे परिसर में व्यापारियों ने बोरी की छल्ली लगाकर अपनी-अपनी फर्म के नाम बोरों पर लिख दिए है।
मंडी परिसर में रविवार शाम को व्यापारियों के लगभग २५ हजार से अधिक बोरे रखे हुए है। सूत्रों के अनुसार मंडी में बड़ी मात्रा में मक्का मालगाड़ी से बाहर भेजी जाती है। व्यापारी रेक लगने तक मंडी प्रबंधन की मिली भगत से मंडी परिसर में ही बोरों की छल्ली जमाकर रखते है। स्टेशन पर रेक लगते ही सीधे रेक पाइंट पर बोरे भिजवाते है। इसके बावजूद मंडी प्रबंधन व्यापारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करता है।
वाहनों को दिन भर दिया जा रहा प्रवेश
हाल ही में एसडीएम श्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अनाज लाने वाले वाहनों को मंडी परिसर में सुबह ५ बजे से १० बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। शनिवार को अनाज लेकर पहुंचे वाहनों को शाम तक गेट के बाहर ही खड़ा करवाया गया था, जिससे शनिवार को ही गेट के बाहर लगभग दर्जन भर वाहनों की कतार लग गई थी, लेकिन रविवार को यहां एक भी वाहन नहीं था।
सभी वाहनों को गुपचुप तरीके से परिसर में प्रवेश दे दिया गया और इनके द्वारा रविवार को ही मक्का के ढेर भी लगा दिए गए। कुछ किसानों ने बताया कि गेट पर सौ-दो सौ रूपए देकर वाहनों को अंदर कर दिया जाता है। यदि भारसाधक अधिकारी मंडी गेट पर लगे सीसीटीवी की फुटेज देखेगें तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
आज अनाज उतारने होगी मशक्कत
आज सोमवार को दो दिन के अवकाश के बाद मंडी में नीलामी होगी। रविवार शाम को मंडी परिसर में अधिकतर स्थानों पर व्यापारियों के बोरे रखे थे वही जिन वाहनों को शनिवार रात में और रविवार को प्रवेश दे दिया गया था, उन्होंने मक्का के ढेर लगा दिए थे। आज दो दिन बाद मक्का की बंपर आवक होगी, लेकिन उपज खाली करने किसानों को मशक्कत करनी पड़ेगी। यदि भारसाधक अधिकारी आज सुबह मंडी पहुंचते है तो सारी स्थिति अपनी आंखों से देख सकते है।

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