मोकामा में चुनावी तकरार, अनंत सिंह मर्डर केस में नामजद, दुलारचंद यादव हत्या से जुड़ा विवाद
नई दिल्ली । बिहार(Bihar) विधानसभा चुनाव(assembly elections) की वोटिंग से पहले मोकामा(Mokama) से जेडीयू के प्रत्याशी एवं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह(Former MLA Anant Singh) मर्डर केस (Murder Case)में फंस गए हैं। मोकामा से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्षी के समर्थन में प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। गुरुवार को मोकामा के टाल इलाके में स्थित हुए इस हत्याकांड के बाद क्षेत्र से मोकामा में विधानसभा का चुनाव खूनी रंजिश में बदल गया। टाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है, पुलिस गांवों में कैंप कर रही है।
गुरुवार देर रात मृतक दुलारचंद यादव के पोते के बयान पर पुलिस ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों रणवीर और कर्मवीर समेत 5 लोगों पर हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अनंत सिंह के लोगों ने पहले गोली मारी और फिर गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मोकामा के तारतर गांव के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां 2 से 3 गाड़ियां खड़ी मिलीं। गाड़ियों के शीशे टूटा हुआ था। इसमें से एक गाड़ी में दुलारचंद यादव का शव पाया गया। दुलारचंद इस क्षेत्र के पूर्व में अपराधी रहे हैं। उन पर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
हालांकि, जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने हत्या के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जब वह चुनाव प्रचार कर लौट रहे थे तो आगे निकल गए। पीछे रह गई उनके काफिले की गाड़ियों को जन सुराज पार्टी समर्थकों ने घेर लिया और ईंट पत्थर से हमला कर दिया था। अनंत सिंह ने इसे राजद नेता सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। वहीं, सूरजभान ने अनंत सिंह के आरोप पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि झगड़े की पहल दुलारचंद यादव ने की थी।
मोकामा में कैसे हुआ बवाल?
दुलारचंद यादव का बाढ़ और मोकामा के टाल इलाके में काफी दबदबा था। खुशहाल चक के निकट प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी गुरुवार दोपहर बाद करीब 3:30 बजे अपने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे। दुलारचंद यादव भी उनके साथ थे। उसी रास्ते से अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ गुजर रहे थे। बताया जाता है कि दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच गाली गलौज शुरू हो गई। बात बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। बाद में गोली भी चली और दुलारचंद यादव की मौत हो गई।

Betul Rain News: बैतूल में रिमझिम से मिली राहत, अच्छी पैदावार के लिए अब तेज बारिश की आस
Shahpur Theft Case: पांच महीने बाद चोरी का खुलासा, नरसिंहपुर का आरोपी गिरफ्तार, साथी पर 10 हजार का इनाम
Betul Nagar Nigam: नगर निगम बनने की राह में अड़चन, 5 पंचायतों की असहमति के बाद प्रशासन सक्रिय
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'