दशहरा से पहले छात्रों की मौजा ही मौजा, मोहन यादव ने भर दी पूरी स्कूल फीस
भोपाल: दशहरे से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कमजोर वर्ग के बच्चों को बड़ा तोहफा दिया है. सीएम मोहन यादव ने ऐसे 8 लाख 45 हजार बच्चों की स्कूल फीस जमा की है. प्रदेश के 20 हजार स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस सरकार ने जमा की है. इनमें कई बच्चे निजी स्कूलों के भी हैं. हरदा जिले के खिरकिया में हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में 20 हजार 652 गैर सरकारी स्कूलों को सिंगल क्लिक से 489 करोड़ ट्रांसफर किए गए.
स्कूल की लैब के लिए 1 करोड़ 30 लाख, आदिवासी हॉस्टल भी
हरदा के खिरकिया में हुए इस कार्यक्रम में इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि "आज का दिन खास है. हरदा के टिमरनी में स्कूल की लैब के लिए 1 करोड़ 30 लाख की लागत से चार क्लासरूम बनाए जाएंगे. 4 करोड़ की लागत से आदिवासी हॉस्टल बनाया जाएगा. बिजली का सब स्टेशन साढ़े 5 करोड़ की लागत से स्थापित किया जाएगा. खिरकिया में नया जनपद भवन बनाया जाएगा. इस इलाके में 3 करोड़ की लागत से नया अस्पताल भी बनाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आज 20 हजार स्कूलों के करीब साढ़े 8 लाख बच्चों को लाभ मिलने जा रहा है. बदलते समय के साथ स्कूलों के भवन देखकर आनंद का अनुभव होता है. उन्होंने कहा कि स्कूल प्राइवेट हो है क्या हुआ, बच्चों की आर्थिक स्थिति कम-ज्यादा है तो क्या हुआ, हमारी सरकार हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने की फीस दे रही है. हमारे बच्चे पढ़ेंगे-लिखेंगे, तभी तो देश आगे बढ़ेगा."
25 प्रतिशत सीटों पर फ्री होगा एडमीशन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके घर के पास के स्कूल में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर फ्री एडमिशन का प्रावधान है. वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीय विद्यालयों में फ्री शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं. राज्य सरकार द्वारा अब तक इन बच्चों के लिए 3 हजार करोड़ रुपये की फीस दी जा चुकी है.

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