मौसम वायदा में निवेश की सुविधा देगा एनसीडीईएक्स, 770 करोड़ जुटाने की योजना
व्यापार: बीएसई और एनएसई की तरह जल्द आपको शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए एक नया स्टॉक एक्सचेंज मिलेगा। अपने कारोबार में विविधता लाने और अधिक खुदरा निवेशकों तक बाजार का लाभ पहुंचाने के लिए नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड यानी एनसीडीईएक्स इक्विटी एक्सचेंज की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा है।
अभी तक केवल कमोडिटी एक्सचेंज के रूप में काम करने वाले एनसीडीईएक्स में और क्या-क्या नए बदलाव होने वाले हैं, इस पर एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण रास्ते ने द बोनस के साथ विस्तार से चर्चा की। सेबी से मिली सैद्धांतिक मंजूरी के बाद इक्विटी एक्सचेंज शुरू करने के लिए एनसीडीईएक्स ने प्रमुख निवेशकों से 770 करोड़ जुटाने के लिए समझौता किया है।
इनमें ग्रो, जेरोधा, राधाकिशन दमानी, रमेश दमानी, मधुसुदन केला और सुनील सिंघानिया शामिल हैं। केनेथ ग्रिफिन के नेतृत्व में सिटाडेल सिक्योरिटीज, अमेरिका की टॉवर रिसर्च ने भी निवेश करने की सहमति जताई है। कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस, जेएम फाइनेंशियल और अकेशिया पार्टनर्स जैसी भारतीय कंपनियों ने भी फंडिंग राउंड में उपस्थिति दर्ज कराई है।
एक साल में शुरू होगा एक्सचेंज
अरुण रास्ते ने बताया, 25 सितंबर को होने वाली वार्षिक आम सभा में निवेशकों को शेयर जारी किए जाएंगे और एक हफ्ते के बाद पैसा मिल जाएगा। अक्तूबर के पहले हफ्ते में नई भर्तियां शुरू होंगी। एक-दो महीने में टेक्नोलॉजी, इन्फ्रा और मार्केट कनेक्टिविटी पर काम किया जाएगा। अपनी तरफ से पूरी तरह तैयार होने पर सेबी से निरीक्षण करने के लिए कहा जाएगा, जिस दिन अंतिम मंजूरी मिल जाएगी, तभी हम अपना एक्सचेंज शुरू कर देंगे। कोशिश रहेगी कि अगले एक साल में एक्सचेंज शुरू हो जाए।
बीएसई-एनएसई से प्रतिस्पर्धा नहीं
अरुण रास्ते ने कहा, बड़े खिलाड़ियों बीएसई और एनएसई से प्रतिस्पर्धा करने की हमें जरूरत नहीं है, क्योंकि एक साल में 2.3 करोड़ नए निवेशक बाजार में आए हैं। उन्होंने कहा, चीन की तरह भारत में भी छह से सात एक्सचेंज होने चाहिए। हमें तो एक-एक फीसदी बाजार हिस्सेदारी भी मिल जाए, तो बहुत अच्छा रहेगा। हम लाभ में आ जाएंगे।

Betul Air Force Candidate Death: एयरफोर्स ज्वाइनिंग से एक दिन पहले युवक की मौत, कुएं में मिला शव, सड़क पर उतरे ग्रामीण
Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए