गाजियाबाद की अवैध कॉलोनियों में रहने वालों पर गिरेगी गाज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद GDA ने शुरू की कार्रवाई की तैयारी
गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) अब अवैध कॉलोनियों और निर्माणों पर शिकंजा कसने का रहा है। सोमवार को जीडीए वीसी अतुल वत्स की अगुआई में प्रवर्तन टीम की मीटिंग हुई। इस अभियान के तहत प्राधिकरण ने सभी संबंधित विभागों को सहयोग करने के लिए पत्र भेजने का निर्णय लिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्णय के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया है कि अवैध निर्माण को रोकने के लिए सभी विभागों को प्राधिकरण का सहयोग करना होगा। प्राधिकरण अवैध कॉलोनियों के मामले में सब रजिस्ट्रार को एक कॉमन ड्राफ्ट के हिसाब से जोन-वार पत्र भेजेगा। इस पत्र में उन सभी कॉलोनियों की जानकारी होंगी, जिन्हें अवैध घोषित किया गया है। वहां की रजिस्ट्री को बंद किया जाए।
बिजली और जल निगम को भी इसी तरह के पत्र भेजे जाएंगे, ताकि वे इन अवैध कॉलोनियों में नई बिजली और पानी की आपूर्ति न दे पाएं। यदि कोई विभाग सहयोग करने से इनकार करता है, तो इसे सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। अवैध निर्माणों को सील करने के बाद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे है। प्राधिकरण पुलिस को भी एक पत्र भेजेगा, जिसमें सील किए गए निर्माणों की देखरेख की जिम्मेदारी पुलिस को सौंपने की बात कही जाएगी। इसके अलावा अवैध निर्माण के मामलों में शिकायत दर्ज कराने के बाद डीसीपी स्तर पर भी कार्रवाई की पैरवी की जाएगी, ताकि कोई भी देरी न हो।
कैलाश मानसरोवर के लिए एमओयू जल्द
कैलाश मानसरोवर भवन के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्राधिकरण ने इस संबंध में एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर बातचीत की है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे। यह समझौता इस भवन के विकास और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शिकायतों वाले जोन में पूरी टीम बदलेगी
प्राधिकरण ने यह भी तय किया है कि जिस जोन में हेल्पलाइन और आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पर सबसे ज्यादा शिकायतें आएंगी, उस जोन की पूरी टीम को बदल दिया जाएगा। मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी क्षेत्रों में शिकायतों का निवारण प्रभावी ढंग से हो और कोई भी अधिकारी या टीम अपने काम में लापरवाही न बरते।
मीटिंग में देरी से पहुंचे एटीपी, वेतन काटा
सोमवार को जीडीए वीसी अतुल वत्स की अगुआई में प्रवर्तन टीम की मीटिंग में विलंब से पहुंचने वाले एटीपी प्रशांत त्रिपाठी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश जीडीए वीसी ने दिया। साथ ही कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीटिंग में सभी को समय से पूरी तैयारी के साथ पहुंचना होगा।

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