गाजियाबाद में डिजिटल अरेस्ट का खौफ: चार दिन तक मानसिक दबाव में रखकर बुजुर्ग से 1.08 करोड़ की ठगी
गाजियाबाद: साइबर ठगों ने इंदिरापुरम क्षेत्र निवासी एक रिटायर्ड शख्स को चार दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ आठ लाख 90 हजार 921 रुपये ठग लिए। ठग ने कॉल करके खुद को पुणे एटीएस से बताया और फिर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की बात कहकर डराया धमकाया। इसके बाद शातिर ने सत्यापन और जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करा ली। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने बताया कि वह एक निजी कंपनी से रिटायर्ड है। वह पत्नी के साथ इंदिरापुरम में रहते हैं। 25 अगस्त को उनके पास वॉट्सऐप पर कॉल आई तो कॉलर ने खुद सदानंद दाते पुणे एटीएस से बताया, जो उसकी आईडी कार्ड पर भी लिखा था। इसके बाद उसने प्रेम कुमार नाम के शख्स से बात कराई गई। उसने बताया कि उनका नाम देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है। ऐसे में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
इसकी जांच की जा रही है। जांच के नाम पर उन्होंने उन्हें 26 अगस्त को विडियो कॉल की और डिजिटल अरेस्ट पर रखा। इसके बाद उनसे कहा कि बैंक जाओ और ऑडिट व सत्यापन के नाम पर बैंक बैलेस को अकाउंट में ट्रांसफर करो। इसके लिए शातिरों ने एक खाते की डिटेल भी दी। उस दौरान भी उन्हें कॉल पर रखा। उन्होंने बताया कि कॉलर ने उन्हें व उनकी पत्नी को डराया। 30 अगस्त को उन्होंने फिर से उनसे आरबीआई की जांच के नाम पर 50 लाख रुपये की मांग की। एक सितंबर को कॉलर ने उनका आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए कहा और ओटीपी मांगा। शातिरों ने 3 सितंबर को कॉल करके कहा कि अब मामला सुलझ गया है। वह अपने बेटे से बात कर सकते हैं। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि ठगी रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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