गाजीपुर में नौकरी के नाम पर ठगी, 76 लाख रुपये गंवाए, पीड़ित परिवार को धमकियों का सामना
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश में बलिया और गाजीपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। रसड़ा थाना क्षेत्र के रेखहा गांव के रहने वाले संदीप चौहान ने गाजीपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को प्रार्थना पत्र देकर अपने रिश्तेदारों पर आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत के अनुसार उसने अपने रिश्तेदारों पर 76 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। संदीप ने बताया कि उनके रिश्तेदार आशीष चौहान उर्फ बजरंगी, उनकी पत्नी रेखा, भाभी कंचन और मां सुधा देवी, खेताबपुर कासिमाबाद के रहने वाले है। इन सब ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी की है।
संदीप के मुताबिक, आरोपियों ने उनके दादा को फोरलेन में जमीन अधिग्रहण के बाद मिले मुआवजे की रकम पर नजर रखी। इसके बाद परिवार के दो युवकों को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उन्होंने पहले 46 लाख और बाद में 30 लाख रुपये अलग अलग खातों में ट्रांसफर करवाए। उन्हें फर्जी आईकार्ड देकर एक महीने के लिए प्राइवेट सेक्टर में नौकरी भी दिलाई गई, लेकिन बाद में निकाल दिया गया। रुपये वापस मांगने पर हत्या की धमकियां दी गईं।
आरोपियों के खिलाफ कई केस दर्ज
संदीप ने आरोप लगाया कि आरोपी कई युवाओं को ठगी का शिकार बना चुके हैं, उनके खिलाफ अलग अलग थानों में मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। नौकरी के नाम पर गाजीपुर में ठगी का या पहला मामला नहीं है। इससे पहले रेवतीपुर थाना क्षेत्र में एक कोचिंग संचालक की ओर से करोड़ का घोटाला नौकरी दिलाने के नाम पर किया गया था। उस मामले में भी पीड़ितों को नकली जॉइनिंग लेटर जारी कर दिया गया था। जब वह कार्यस्थल पर पहुंचे तो उन्हें जानकारी हुई कि जॉइनिंग लेटर फर्जी है।

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