यूपी पंचायत चुनाव से पहले सभी बड़ी पार्टियों की सियासी तैयारी, बीजेपी-कांग्रेस-सपा-बसपा की रणनीतियों का पूरा विश्लेषण
मेरठ: 2027 में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव से पहले सभी सियासी दलों की नजर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर है। पंचायत चुनाव को सेमीफाइनल मानकर सियासी दल फील्डिंग बिछाने में जुटे हैं। आरएलडी आमजन से जुड़ने के लिए पार्टी 2 अक्टूबर गांधी जयंती से 31 अक्टूबर सरदार पटेल जयंती तक पूरे प्रदेश में एकता यात्रा निकालेगी। इसकी शुरुआत वेस्ट यूपी के अलीगढ़ से दो अक्टूबर को होगी। आरएलडी पंचायत चुनावों में महिला भागीदारी भी बढ़ाना चाहती है।
17 से बीजेपी का सेवा पखवाड़ा
बीजेपी 17 सितंबर से गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा अभियान चलाएगी। पार्टी ने 'पूर्व तैयारी-पूर्ण तैयारी' का मंत्र वर्करों को दिया है। पार्टी के वर्कर्स से कहा गया कि पंचायत चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं होते हैं इसलिए पार्टी का फोकस जिला पंचायत सदस्य के चुनाव पर ही रहेगा। ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पद पर पार्टी हस्तक्षेप नहीं करेगी। बीजेपी ने वेस्ट यूपी के सभी 18 जिलों रमें दिग्गज नेताओं को पंचायत चुनाव के लिए संयोजक और सह संयोजक भी नियुक्त कर दिए हैं।
पंचायत चुनाव से जनाधार बढ़ाना चाहती है BSP
बीएसपी ने पंचायत चुनाव से पहले वेस्ट यूपी के दिग्गज कहे जाने वाले पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बाबू मुनकाद अली को प्रभारी बनाया है। पार्टी का मानना है कि पंचायत चुनाव से जनाधार बढ़ाया जा सकता है। कांग्रेस SP ASP भी जमीन पर सक्रिय इसी के साथ कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत लगातार वेस्ट यूपी में सक्रिय है। जनता की समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर रही है। समाजवादी पार्टी भी पंचायत चुनाव के लिए जुटी है। संगठन ने जहां संयोजक नियुक्त कर दिए हैं। वहीं जनाधार वाले संभावित कैंडिडेट की तलाश भी शुरू कर दी है। आजाद समाज पार्टी भी अपनी टीम को गांव-गांव जनसंपर्क के लिए उतार रही है। एएसपी की नजर बीएसपी के दलित वोट पर है। मुस्लिमों में भी खास पकड़ बनाने में जुटी है।

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