बीआरएस में पारिवारिक खींचतान: हरीश राव ने कविता के आरोपों पर चुप्पी साधी
हैदराबाद। बीआरएस विधायक और पूर्व मंत्री टी हरीश राव ने अपनी चचेरी बहन व पूर्व बीआरएस नेता के कविता की तरफ से उनपर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कोई जवाब नहीं देंगे और इसे कविता की बुद्धिमत्ता पर छोड़ते हैं। विदेश दौरे से लौटने के बाद शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में हरीश राव ने कहा कि मेरी 25 साल की राजनीतिक यात्रा तेलंगाना की जनता के सामने एक खुली किताब की तरह है। कविता ने वही आरोप दोहराए हैं जो कुछ राजनीतिक दल पहले से ही मेरे खिलाफ कर रहे हैं। उन्होंने ऐसा क्यों कहा ये फैसला मैं जनता पर और उन पर छोड़ता हूं।
हरीश राव ने कांग्रेस पर भी साधा निशाना
हरीश राव ने यह भी कहा कि तेलंगाना राज्य की स्थापना में और उसके बाद राज्य के विकास में उन्होंने मुख्यमंत्री केसीआर के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो सभी को पता है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीएम रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार बीते दस वर्षों में केसीआर के नेतृत्व में बनाई गई व्यवस्थाओं को नष्ट कर रही है। इसके साथ ही विधायक राव ने ये भी कहा कि अब मैं अपना समय राज्य को बचाने और जनता की समस्याओं को उठाने में लगाऊंगा। हरीश राव ने यह भी कहा कि वे अन्य बीआरएस नेताओं के साथ मिलकर पार्टी को फिर से मजबूत करने और सत्ता में वापस लाने के लिए काम करेंगे।
अब समझिए क्या कहा था के कविता ने
बता दें कि कुछ दिन पहले के कविता को बीआरएस से पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने बीआरएस से इस्तीफा दे दिया और विधान परिषद की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया। कविता ने पार्टी में बगावत कर अपने चचेरे भाई हरीश राव और एक रिश्तेदार सांसद जे संतोष कुमार पर केसीआर की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने हरीश राव पर परिवार के खिलाफ साजिश रचने का भी दावा किया था। ऐसे में ये बयानबाजी बीआरएस में गुटबाजी और पारिवारिक तनाव को उजागर कर दिया है।

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