Baghpat में धक्का—लोजपा जिलाध्यक्ष को पति सहित थाने में बिठाया, कहा: “झूठा मुकदमा कायम रह सकता है”
बागपत : लोक जनशक्ति पार्टी की जिलाध्यक्ष प्रतिमा व उनके पति को करोड़ों रुपये की जमीन के विवाद में दो घंटे थाने में बैठाकर टार्चर करने का पुलिस पर आरोप है। यह भी आरोप है कि फैसले न करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी गई। वहीं, शिकायत मिलने पर एसपी सूरज कुमार राय ने खेकड़ा सीओ से जांच रिपोर्ट मांगी है।
यह है मामला
लोजपा (रामविलास) की जिलाध्यक्ष प्रतिमा का आरोप है कि उनके पति देवदत्त निवासी ग्राम गोठरा के मोबाइल पर गत दो जुलाई की दोपहर 1.37 बजे अज्ञात नंबर से काल आई थी। कालर ने खुद को खेकड़ा थाने का इंस्पेक्टर बताते हुए दस साल पुराने जमीन के मामले में तुरंत थाने में आने को बोला।
वह अपने पति के साथ थाने पहुंचीं, जहां पर विपक्षी पहले से आए हुए थे। आरोप है कि पुलिस ने उनके पति पर जमीन के एक मामले में समझौता करने का दबाव बनाया।
'तरह-तरह की यातनाएं देते हुए दी धमकी'
उनके पति ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्होंने न जमीन खरीदी और न ही बेची है। वह सिर्फ एक गवाह हैं। भूमि के एग्रीमेंट संबंधी दस्तावेज दिखाए। बोला कि वह इस मामले में समझौता कैसे कर सकते हैं। पुलिस ने उनके पति की एक न सुनी और अभद्रता करते हुए उन दोनों को तरह-तरह की यातनाएं देते हुए धमकी दी कि 10 दिन के अंदर फैसला नहीं किया तो झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा।
इतना ही नहीं जान से मारने की भी धमकी दी। उनके पास सरकारी असलहा लिए पुलिसकर्मी बैठा दिए थे। इस दौरान मोबाइल में वीडियो बनाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उनसे मोबाइल छीना। यह घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड है। इससे वे काफी भयभीत है। यह जमीन गाजियाबाद में है। इससे बागपत पुलिस का कोई लेनादेना नहीं है। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।
'मुख्यमंत्री से लगाऊंगी इंसाफ की गुहार'
पीड़िता का कहना है कि इस मामले की डीएम अस्मिता लाल से भी शिकायत की गई है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की गुहार लगाई जाएगी।
एसपी ने खेकड़ा सीओ से मांगी रिपोर्ट
एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि महिला ने थाने में मोबाइल रखवाने संबंधी शिकायत की है, अभद्रता की नहीं। खेकड़ा सीओ रोहन चौरसिया से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।
खेकड़ा थाना प्रभारी कैलाश चंद्र का कहना है कि जमीन के नाम पर देवदत्त ने ही करीब 20 लाख रुपये लिए है। मामले के निस्तारण के लिए उन्हें बुलाया गया था। पुलिस पर टार्चर करने का आरोप निराधार है।

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