कलेक्टर की क्लास में छात्रा बोली-मुझे पीएम बनना है
इंदौर। इंदौर में बुधवार को ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग स्कूलों में पहुंचे, बच्चों से बातचीत की, उनसे सवाल पूछे और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया।
कलेक्टर ने बच्चों को पढ़ाया, स्कूल की प्रार्थना में हुए शामिल
कलेक्टर आशीष सिंह सुबह सीएम राइज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मूसाखेड़ी पहुंचे और बच्चों को पढ़ाया। उन्होंने पहले स्कूल की प्रार्थना में हिस्सा लिया, फिर कक्षा 10वीं में बच्चों को पढ़ाने गए।
कक्षा में पहुंचते ही उन्होंने शिक्षक से पूछा कि यह कौन सी क्लास है? शिक्षक ने बताया कि ये छात्र 9वीं पास कर 10वीं में आए हैं। इस पर कलेक्टर बोले, “कल इनका 10वीं का पहला दिन रहा होगा।”
कलेक्टर बोले – अब प्राइवेट सेक्टर में भी अच्छे करियर के अवसर
कलेक्टर ने पढ़ाई के दौरान बच्चों से कहा, “यह तय करना बहुत जरूरी है कि आगे चलकर आप क्या बनना चाहते हैं। जब तक आप सोचेंगे नहीं मंजिल ही तय नहीं करेंगे तब तक वहां पहुंचेंगे कैसे?
उन्होंने बताया कि आजकल कई तरह प्रकार के जॉब आ गए है प्राइवेट सेक्टर में भी। सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर, IAS या IPS ही नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर में भी कई अच्छे जॉब हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उदाहरण देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में भी कई नए अवसर हैं।
इसके बाद उन्होंने छात्रों से पूछा कि इस साल कितने बच्चों ने इस स्कूल में एडमिशन लिया है। इस पर कई छात्रों ने हाथ उठाया और अपने पुराने स्कूलों के नाम बताए।
लड़कियों ने कहा – डॉक्टर, इंजीनियर और प्रधानमंत्री बनना है
कलेक्टर ने छात्रों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। इस पर एक छात्रा ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती है, जबकि एक अन्य लड़की ने कहा कि वह प्रधानमंत्री बनना चाहती है। यह सुनकर कलेक्टर खुश हुए और बोले, “वाह! क्या बात है, बहुत बढ़िया!”
इसके बाद एक छात्रा ने कहा कि वह टीचर बनना चाहती है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक बनकर आप कई बच्चों का भविष्य संवार सकते हैं, यह बहुत अच्छी बात है। इसके अलावा, एक छात्रा ने इंजीनियर बनने की इच्छा जताई, तो दूसरी ने कहा कि वह IAS बनना चाहती है। प्र
धानमंत्री बनने की इच्छा रखने वाली छात्रा काव्या सिंह के साथ कलेक्टर ने फोटो भी खिंचवाई और मजाक में कहा, “फोटो ले लो, क्या पता कल यह सच हो जाए!”