दिग्विजय बोले-सरदार पटेल बनना चाहते हैं अमित शाह

दिग्विजय बोले-सरदार पटेल बनना चाहते हैं अमित शाह
भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से सहकारी समितियों के चुनाव न कराए जाने का मुद्दा राज्यसभा में उठा है। पूर्व सीएम और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में कहा- मप्र में सहकारी समितियों के चुनाव नहीं हो रहे हैं। नियमानुसार 5 साल में चुनाव कराए जाने चाहिए, लेकिन प्रशासक बिठा दिए गए हैं। मप्र की सरकार ने चुनाव कराने के बजाय एक कानून बना दिया कि चुनाव हों या न हों अनंत काल तक प्रशासक बिठाए जा सकते हैं।

दिग्विजय सिंह ने सहकारिता के बिल पर चर्चा के दौरान कहा- कई राज्यों में जहां भाजपा की डबल इंजन की सरकारें हैं। वहां सहकारी समितियों के चुनाव नहीं कराए जाते। प्रशासक नियुक्त करके उसके माध्यम से सहकारी समितियों में वे जैसा चाहते हैं, मनमाना निर्णय कराते हैं।

आगे उन्होंने कहा

मैं दूसरों की बात तो ज्यादा नहीं जानता लेकिन, मप्र के बारे में कहना चाहता हूं कि मप्र में 4536 पैक्स हैं, यानि प्राथमिक सहकारी समितियां हैं। उनमें से 3800 यानि की 80 प्रतिशत प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी पूरी तरह से आज ओवरड्यू हो चुकी हैं, भारी घाटे में हैं और वहां के चुनाव भी नहीं हो रहे हैं।

दिग्विजय सिंह का आरोप-सहकारी बैंकों में घोटालों का अंबार

दिग्विजय सिंह ने कहा- घोटालों का अंबार है। शिवपुरी जिला सहकारी बैंक में सौ करोड़ का गबन हुआ। कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी प्रकार ग्वालियर में 25 करोड़ के गबन हुआ, कोई एक्शन नहीं हुआ। यही नहीं कई सहकारी संस्थाओं में 20 साल से चुनाव नहीं हुए और प्रशासक बिठा रखा है।

‘सरदार पटेल बनने का प्रयास कर रहे अमित शाह’

दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में मौजूद सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की तरफ देखते हुए कहा- जोशी जी कम से कम आप इस बारे में सहकारिता मंत्री जी को बता दीजिए कि आप सहकारिता के मंत्री हैं तो राज्यों में सहकारिता की क्या हालत है। पता लगा लीजिए।

5 साल में चुनाव कराने का प्रावधान है, लेकिन, मप्र की डबल इंजन सरकार ने उसमें भी कानून परिवर्तन करके कह दिया कि चुनाव न हों तो कोई बात नहीं, अनंत काल तक प्रशासक के बैठने का अधिकार दे दिया। ये है इस देश में सहकारिता के हालात। सहकारिता मंत्री अमित शाह जी, जो सरदार पटेल का दूसरा रूप बनना चाहते हैं। मप्र का अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक पर गबन की 12 बार शिकायत हुई, लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।

विधानसभा में मप्र सहकारी समिति संशोधन विधेयक पारित
पिछले महीने विधानसभा के बजट सत्र में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने मध्यप्रदेश सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सारंग ने कहा कि प्रदेश में 650 से 700 नई पैक्स बनाने की तैयारी है। उसके बाद सभी समितियों के चुनाव कराए जाएंगे। सरकार किसी तरह से चुनाव टालने की मंशा नहीं रखती है।

इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट कर दिया। हालांकि, वॉक आउट के बीच ही मध्यप्रदेश सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया गया। कांग्रेस इस बिल को लेकर लगातार विरोध कर रही है।

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